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歌词

作词 : Azensha

作曲 : Azensha

मैं पतंगा,

मेरी एक दिन की ज़िंदगी

लगे क़ैद सी ये ख़ामोशी

ज़रा शोर होने दो।

जानता हूं,

मुझे मार देगी रौशनी

है आखरी ये ज़िद मेरी...

शमा से मिलने दो।

फड़फड़ा लेने दो जब तक जान बाकी है,

होश खो लेने दो जब तक रात काली है,

आज हूं ज़िंदा तो है हर पल की ख़बर,

कल जो आंखें बंद तो फिर

किसको पड़ी है फ़िक्र मेरी...

हां मैं पतंगा,

मेरी एक दिन की ज़िंदगी,

लगे क़ैद सी ये खामोशी

ज़रा शोर होने दो।

मैं बचता चला जाऊंगा

इन आहटों के सहारे,

जो आएगा तूफ़ान

तो मैं मिलूंगा समंदर के किनारे।

लापरवाहियां मेरी सबूत हैं,

थोड़ा खोखला मेरा वजूद है।

मेरे हाल की न पूछो दास्तान,

ख़ुद के हाल पर यूं हंसना खूब है।

मैं पतंगा,

मेरी माशूक़ा है मौसीक़ी,

मेरी ग़म से भी पक्की यारी,

धुआं सा उड़ने दो।

फड़फड़ा लेने दो जब तक जान बाकी है,

होश खो लेने दो जब तक रात काली है,

आज हूं ज़िंदा तो है हर पल की ख़बर,

कल जो आंखें बंद तो फिर

किसको पड़ी है फ़िक्र मेरी...

हां मैं पतंगा,

मेरी एक दिन की ज़िंदगी

लगे क़ैद सी ये खामोशी

ज़रा शोर होने दो।

जानता हूं,

मुझे मार देगी रौशनी

है आखरी ये ज़िद मेरी...

शमा से मिलने दो।