作词 : Shrenik Ganatra
作曲 : Shrenik Ganatra
मंचला हूँ मैं
जैसे आसमान
हर जगह हूँ मैं
बस कर ले याद
ज़रा
मैं तेरी सासों में रहता हूँ
ना जाने कैसे
तेरी रूह से कहता हूँ
चल छोड़ आए
ना कर इंतेज़ार
कल ना देखा है
बस जी ले आज
तेरी बारीश
में भीगा
मेरा लम्हा
शाम-ओ-सुबह
दीवाना हूँ मैं
जैसे शाह जहाँ
मंचला हूँ मैं
जैसे आसमान